
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में धौहानी विधानसभा अंतर्गत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मड़वास द्वारा क्षेत्र में व्याप्त गंभीर जनसमस्याओं के विरोध में आज मड़वास थाने का घेराव किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों, महिला एवं युवा कांग्रेस की सहभागिता के साथ यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण किंतु आक्रोशपूर्ण रहा। इसके उपरांत महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम 30 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मझौली के माध्यम से एसडीएम एवं एसडीओपी को सौंपा गया।
इस अवसर पर कांग्रेस ने मड़वास एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की बदहाली, अवैध रेत उत्खनन के बढ़ते आतंक, किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान, आदिवासी व दलित बस्तियों की उपेक्षा, बिजली–पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव, स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा, जर्जर सड़कों, लंबित सिंचाई कार्यों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से पात्र हितग्राहियों के वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों को ज्ञापन में उठाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शासन–प्रशासन की मिलीभगत और उदासीनता के कारण माफिया बेखौफ हैं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अवैध रेत परिवहन से हुई नाबालिग की दर्दनाक मृत्यु केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संरक्षण का परिणाम है। इसके साथ ही जिले भर में चल रहे अवैध उत्खनन से जहां करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है, वहीं किसानों की फसलें आवारा पशुओं से नष्ट हो रही हैं और ग्रामीण अंचलों में वर्षों बाद भी बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और योजनाओं का कागजी क्रियान्वयन शासन की असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने सरकार और प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मड़वास से लेकर पूरे सीधी जिले तक हालात भयावह हैं। रेत माफिया खुलेआम मौत बांट रहे हैं, पुलिस और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं, आदिवासी और दलित बस्तियां अंधेरे में जीने को मजबूर हैं, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं और योजनाएं केवल कागजों में चल रही हैं। यह भाजपा सरकार की जनविरोधी मानसिकता और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण है। कांग्रेस यह अन्याय कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस और कठोर कार्यवाही नहीं की तो कांग्रेस सड़क से सदन तक जनआंदोलन छेड़ेगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के हक की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ेंगे और हर गांव, हर पंचायत में सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे।
कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह भदौरिया, कमलेश सिंह, आनंद सिंह, प्रदीप सिंह दीपू, ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री, ओंकार सिंह, सतेंद्र सिंह, गणेश सोनी, हल्के सोनी, इंद्रबली सिंह, जनपद अध्यक्ष मझौली सुनैना सिंह, जनपद अध्यक्ष कुसमी श्यामवती सिंह, जनपद उपाध्यक्ष रमेश कुशवाहा, विदेश सिंह, रामकृष्ण गुप्ता, विकास पांडेय, मार्तंड चतुर्वेदी, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष तिवारी, जय सिंह, प्रदीप दीक्षित, अभिषेक सिंह, रमेश साहू, कनक साहू, हर्षित शुक्ला सहित जिला, ब्लॉक, मंडल, सेक्टर एवं सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस तथा भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने दो टूक कहा कि यदि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध कार्यवाही नहीं हुई तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
*प्रमुख मांगें*
ग्राम टिकरी निवासी 15 वर्षीय उमेश सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर हुई मृत्यु के मामले में अवैध परिवहनकर्ताओं पर हत्या का प्रकरण, वाहन राजसात तथा परिजनों को आर्थिक सहायता।
पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी एवं प्रधान आरक्षक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण व निलंबन, क्योंकि अवैध परिवहन की शिकायतें पूर्व में की गई थीं।
सीधी जिले में अवैध रेत उत्खनन (डालपीपर, टिकरी, भुमका, निधपुरी गोतरा सहित) पर तत्काल रोक, राजस्व क्षति की जांच।
आवारा पशुओं से फसल नुकसान रोकने हेतु त्वरित व्यवस्था।
बीपीएल सर्वे (2002-03 के बाद लंबित) पुनः कराकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ।
बिजली मीटर की मनमानी बिलिंग, स्मार्ट मीटर से अधिक खपत दर्शाने की शिकायतों पर मीटर परिवर्तन।
खाद्यान्न पर्ची जारी करना, पीएम आवास स्वीकृत हितग्राहियों को राशि।
जनपद परिसर के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मामले में उच्च न्यायालय में शीघ्र जवाब प्रस्तुत कर भूमि बचाव।
तिलवारी–जनकपुर मार्ग की मरम्मत, सेहरा व तिरचुली एनीकट चालू कराना व सेहरा बांध से नुकसान का मुआवजा।
2022-25 व 2023-24 के वृक्षारोपण का भौतिक सत्यापन समिति बनाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट।
कावाटीला–अमहिया सड़क की घटिया गुणवत्ता पर तत्काल सुधार।
उर्वरक (खाद) की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
अम्होरा बोल बांध का रुका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू।
मड़वास शराब दुकान को मंदिर–मस्जिद–स्कूल व बाजार से 50 मीटर के दायरे से हटाना।
मड़वास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टरों की पदस्थापना।
नल-जल योजना का वास्तविक लाभ हरिजन व अन्य बस्तियों तक पहुंचाना।
मड़वास, मौहरिया टोला, कोलान व हरिजन बस्ती में बिजली तार लगाकर आपूर्ति शुरू करना।
