सीधी ,केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा से जुड़े नए कानून
को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी नेता ज्ञान सिंह ने इसे मनरेगा को पूरी तरह समाप्त करने की सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि नए कानून से मध्य प्रदेश के करीब 92 लाख सक्रिय मनरेगा मजदूरों की रोज़ी-रोटी केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर हो गई है, जो गरीबों और मजदूरों के साथ खुला अन्याय है।
शिवराज के केंद्रीय मंत्री बनते ही मनरेगा पर हमला — संयोग नहीं साजिश
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ज्ञान सिंह ने कहा कि
“शिवराज सिंह चौहान के केंद्रीय मंत्री बनते ही मनरेगा की हत्या होना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक गहरी राजनीतिक साजिश है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आत्मनिर्भरता के नाम पर गरीबों को बेरोजगारी, असुरक्षा और अनिश्चित भविष्य की ओर धकेल रही है।
60:40 फंडिंग पैटर्न से राज्य पर बढ़ेगा भारी आर्थिक बोझ
ज्ञान सिंह ने नए अधिनियम के आर्थिक प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि
मनरेगा में फंडिंग पैटर्न को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया गया है।
इससे राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत खर्च का भार आएगा, जिसके कारण मध्य प्रदेश पर सालाना ₹5,000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह बोझ उस राज्य पर डाला जा रहा है जो पहले से ही करीब ₹4 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा हुआ है।
ज्ञान सिंह ने इसे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मध्य प्रदेश के साथ किया गया वित्तीय धोखा बताया।
ई-केवाईसी और डिजिटल सर्विलांस से मजदूरों का बहिष्कार
ई-केवाईसी और डिजिटल प्रक्रिया को लेकर भी ज्ञान सिंह ने गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में मनरेगा मजदूरों का 90.5 प्रतिशत ई-केवाईसी लंबित है, जो देश में सबसे अधिक है।
उन्होंने बताया कि
आदिवासी बहुल जिलों झाबुआ, मंडला, डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में
? इंटरनेट की सुविधा नहीं
? डिजिटल संसाधनों का अभाव
? तकनीकी जानकारी की कमी
इसके बावजूद नए कानून में बायोमेट्रिक और डिजिटल सर्विलांस को अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे लाखों गरीब और आदिवासी मजदूर व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे।
फेडरलिज्म या गरीबों को सजा?
ज्ञान सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा —
“क्या यही फेडरलिज्म है या फिर गरीबों को सजा देने की नीति?”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की स्वायत्तता को कमजोर कर रही है और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला कर रही है।
कांग्रेस का ऐलान — सड़क से संसद तक संघर्ष
अंत में ज्ञान सिंह ने स्पष्ट कहा कि
कांग्रेस पार्टी गरीबों, मजदूरों और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी
और मनरेगा को खत्म करने की किसी भी साजिश का हर स्तर पर विरोध करेगी।
पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर
कांग्रेस महामंत्री ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री
प्रवक्ता पंकज सिंह
ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद तिवारी
संकट आईटी सेल अध्यक्ष नागेश्वर साकेत
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
