
सीधी | सिहावल, सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव घोपारी से एक बेहद दर्दनाक और लापरवाही से जुड़ा मामला सामने आया है। जंगली सूअर को मारने के लिए खेत में करंट प्रवाहित तार का जाल बिछाया गया था, जिसकी चपेट में आकर अंगद पटेल (उम्र लगभग 50 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंगद पटेल खेत की ओर गए थे, तभी वे अनजाने में करंट लगे तार में फंस गए। तेज विद्युत प्रवाह के कारण उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं मिला और कुछ ही पलों में उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
जंगली जानवर नहीं, अब इंसान बन रहे शिकार
यह कोई पहली घटना नहीं है। सिहावल सहित सीधी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में फसलों को बचाने के नाम पर जंगली सूअर, नीलगाय और अन्य जानवरों के लिए खुलेआम करंट लगाए जाते हैं।
अब यही गैरकानूनी तरीका निर्दोष इंसानों की जान ले रहा है।
कानूनन गंभीर अपराध, फिर भी बेखौफ जिम्मेदार
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार—
करंट लगाकर जानवर मारना गंभीर आपराधिक कृत्य है
यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता (IPC) दोनों के तहत दंडनीय अपराध है
करंट से किसी व्यक्ति की मौत होना गैर इरादतन हत्या से कम नहीं
इसके बावजूद बड़ा सवाल यही है—
? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
? या मामला सिर्फ कागजी पंचनामा बनकर रह जाएगा?
एक घर उजड़ गया, जवाब कौन देगा?
अंगद पटेल की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
घर का सहारा एक पल में छिन गया।
अब सवाल उठते हैं—
परिवार इस सदमे से कैसे उबरेगा?
बच्चों और परिजनों का भविष्य कौन सुरक्षित करेगा?
क्या प्रशासन संवेदनशीलता दिखाएगा या केवल औपचारिकता निभाएगा?
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि—
करंट के तार लंबे समय से खेतों में लगे हुए थे
इसकी जानकारी कई लोगों को थी
इसके बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई
ग्रामीणों और संगठनों की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि—
करंट जाल बिछाने वालों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए
पूरे क्षेत्र में लगे सभी करंट जाल तुरंत हटाए जाएं
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी हो
पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए
