
ईरान में हालात असामान्य हैं. यहां की राजधानी तेहरान में शुरू हुआ प्रदर्शन अब देश के अन्य हिस्सों तक हिंसक रूप में जा फैला है. शहरों से लेकर गांवों तक पब्लिक सड़कों पर उतर चुकी है. बीते कई दशकों से ईरान का पर्याय बन चुके अयातुल्ला अली खामेनेई भी जनता के निशाने पर हैं. दिसंबर के आखिरी दिनों में शुरू हुआ प्रदर्शन अब बड़ा रूप ले चुका है. प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्ती की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है. यह खबर लिखे जाने तक मिले समाचार में यह बात सामने आई है कि झड़प की वजह से 17 लोगों की मौत हो चुकी है. चौपट होती अर्थव्यवस्था और महंगाई, बेरोजगारी को लेकर गुस्सा अभी चरम पर है. खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरी पब्लिक तानाशाह विरोधी नारे लगाने के साथ ही मुल्लाओं ईरान छोड़ो के नारे लगा रही है. इसमें बड़ी तादाद में युवा और कॉलेज के छात्र भी शामिल हैं, जिन्हें जेन Z के तौर पर संबोधित किया जाता है. ईरान में हालिया सालों में गौर किया जाए तो यह अभी तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन साबित हो रहा है. ऐसा आखिर क्यों है? आइए इसका हर पहलू समझते हैं.
