

डिजिटल दौर में जहां सोशल मीडिया संवाद और विकास का माध्यम बन रहा है, वहीं सीधी जिले में इसका घिनौना चेहरा सामने आया है। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के फेसबुक पोस्ट पर अभद्र और अश्लील टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ आखिरकार पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पडखुड़ी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पराज मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सांसद के विकास कार्यों से जुड़ा एक पोस्ट शेयर किया था। इसके बाद प्रकाश मिश्रा और कुछ अन्य फेसबुक आईडी से जुड़े लोगों ने बेहद अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।
महीनों से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न,
शिकायत के अनुसार यह मामला कोई नया नहीं है—जुलाई-अगस्त 2025 से लगातार गंदी टिप्पणियों का सिलसिला जारी था। 20 अगस्त 2025 को भी शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
अब पुलिस का कड़ा एक्शन,
आखिरकार साक्ष्यों (स्क्रीनशॉट) के आधार पर सीधी कोतवाली पुलिस ने 1 अप्रैल 2026 को FIR क्रमांक 0248 दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं के तहत मामला कायम किया गया है, जिनमें अश्लीलता, धमकी और मानहानि जैसे अपराध शामिल हैं।
सोशल मीडिया की आजादी या अराजकता?
यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की गरिमा को कुचलना जायज है? पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि सोशल मीडिया पर की गई अभद्रता भी अब सीधे कानून के दायरे में आएगी।
जांच जारी, और भी लोग आ सकते हैं गिरफ्त में
पुलिस अब उन सभी फेसबुक अकाउंट्स की जांच कर रही है, जिनके जरिए इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। आने वाले दिनों में और लोगों पर भी कार्रवाई संभव है।
सीधी पुलिस की सख्त चेतावनी:
“सोशल मीडिया पर मर्यादा तोड़ोगे, तो कानून सीधे सलाखों तक पहुंचाएगा।”
