
“”जिला क्राइम ब्यूरो चीफ सीधी राजीव सिंह उर्फ राजू की विशेष रिपोर्ट””
“”शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने सीधी के अंतरराज्यीय न्यू बस स्टैंड की बदहाल स्थिति को लेकर जिला और नगर प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।””
उन्होंने कहा कि लगभग 6 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से बना बस स्टैंड आज गंदगी, नशेड़ियों और अव्यवस्थाओं का अड्डा बन चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद कर बैठे हैं।
“स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता के साथ कैसा मजाक”
“विवेक पांडे ने कहा —
“जिस बस स्टैंड को शहर की पहचान बनना था, वहां आज कचरे के ढेर, शराब की बोतलें और बदबू दिखाई दे रही है। यह स्मार्ट सिटी नहीं, प्रशासनिक लापरवाही का स्मारक बन गया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बस स्टैंड में यात्रियों के लिए न साफ पानी है, न सुरक्षा और न ही खुले शौचालय। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
“शौचालयों में ताले, सफाई भगवान भरोसे”
शिवसेना नेताओं ने कहा कि बस स्टैंड के शौचालय बंद पड़े हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हालत यह है कि स्थानीय व्यापारी खुद पैसे खर्च कर सफाई करवाने को मजबूर हैं। शराब कोरेक्स की बोतल गांजे की चोगी चखने के पाउच सहित गंदगी के अंबार फैला हुआ है
“निरीक्षण सिर्फ कैमरों तक सीमित”
विवेक पांडे ने प्रशासनिक अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारी केवल फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया में वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं, जबकि जमीन पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
“अब चुप नहीं बैठेगी शिवसेना”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बस स्टैंड की व्यवस्था नहीं सुधरी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो शिवसेना सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
“शिवसेना की मांगें
▪️ तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए
▪️ बंद शौचालय खोले जाएं
▪️ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
▪️ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं दी जाएं
▪️ नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों पर तत्काल कार्रवाई हो
जनता का सवाल — करोड़ों खर्च हुए, जिम्मेदार कौन?
सीधी का न्यू बस स्टैंड अब जनता के लिए सुविधा केंद्र कम और परेशानी का कारण ज्यादा बन चुका है। सवाल यही है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता को बदहाली ही क्यों नसीब हो रही है?
