
सीधी | 07 जनवरी/_विंध्य क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होने के बावजूद आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। प्रदेश के कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत योगदान देने वाला यह क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूल अधिकारों से वंचित है। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय उपेक्षा को दर्शाती है, बल्कि संविधान में निहित समान अवसर के सिद्धांत का भी खुला उल्लंघन है।
यह बात आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश के पूर्व प्रदेश सचिव राम चरण सोनी ने एक कड़े बयान में कही। उन्होंने कहा कि विंध्य से कोयला, खनिज, रेत और पत्थर का बड़े पैमाने पर दोहन तो किया गया, लेकिन उसके अनुपात में क्षेत्रीय विकास में पुनर्निवेश नहीं हुआ।
राम चरण सोनी ने आरोप लगाया कि सरकार ने विंध्य को केवल राजस्व और खनिज दोहन का केंद्र बना दिया है। आज भी विंध्य में,
IIT, IIM, AIIMS जैसी राष्ट्रीय संस्थाएँ नहीं हैं,
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का अभाव है,
स्थानीय युवाओं के लिए बड़े उद्योग और स्थायी रोजगार के अवसर नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि विंध्य ने राज्य को सब कुछ दिया, लेकिन बदले में उसे बेरोजगारी, पलायन और उपेक्षा मिली। माता-पिता बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजने को मजबूर हैं और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की शरण लेनी पड़ती है। यह स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
प्रमुख मांगें,
विंध्य क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज,
AIIMS, IIT, IIM एवं केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना,
नए मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और शोध संस्थान,
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नीति
खनिज राजस्व का निश्चित प्रतिशत विंध्य के विकास हेतु आरक्षित,
खनन और रॉयल्टी व्यवस्था में पारदर्शिता और स्वतंत्र ऑडिट,
राम चरण सोनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने विंध्य के वैधानिक अधिकारों और विकासात्मक जरूरतों की अनदेखी जारी रखी, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर संवैधानिक मंचों तक विंध्य के हक की लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने दो टूक कहा—
“विंध्य केवल संसाधन देने वाला क्षेत्र नहीं, अधिकार पाने वाला क्षेत्र है। अब विंध्य के साथ अन्याय नहीं चलेगा।”
राम चरण सोनी,पूर्व प्रदेश सचिव,आम आदमी पार्टी, मध्यप्रदेश
