
सीधी। शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा है कि यदि पुराने बस स्टैंड से दुकानों को हटाया जाता है तो उससे पहले वहां वर्षों से व्यापार कर रहे दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “पुराने बस स्टैंड में जो व्यापारी लंबे समय से अपनी आजीविका चला रहे हैं, उन्हें बिना उचित व्यवस्था के हटाना अन्याय होगा। पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई—यही प्रशासन का सिद्धांत होना चाहिए।”
भेदभाव न हो, सभी को मिले समान अवसर,
ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि व्यापारियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र व्यापारियों की सूची बनाकर पारदर्शी तरीके से उन्हें नई जगह आवंटित की जाए।
विकास कार्यों पर उठाए सवाल,
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिले में लंबित विकास कार्यों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जिला अस्पताल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और मेडिकल कॉलेज का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। साथ ही पेयजल समस्या को भी गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई घोषणाएं होने के बावजूद धरातल पर काम की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। “जनता को वादों से नहीं, परिणामों से संतुष्टि मिलती है,” उन्होंने कहा।
प्रशासन से संवाद की अपील
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से अपील की कि व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर सहमति के आधार पर समाधान निकाला जाए, ताकि किसी भी परिवार की आजीविका प्रभावित न हो और शहर का विकास भी बाधित न हो।
व्यापारियों में चिंता
इधर, पुराने बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों में भी अनिश्चितता को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आने से असमंजस की स्थिति है।
अब देखना होगा कि प्रशासन पुनर्वास योजना को लेकर क्या निर्णय लेता है और व्यापारियों की मांगों पर किस तरह अमल होता है।
