
सीधी जिले में प्रशासनिक सुस्ती पर अब सीधा वार होता दिख रहा है। जिले में पदभार संभालते ही विकास मिश्रा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिस काम पर वर्षों से न तो जनप्रतिनिधियों की नजर गई और न ही सिस्टम जागा, उस पर अब कलेक्टर खुद मैदान में उतर गए हैं।
शहर में लंबे समय से निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन, जो सालों से अधूरा पड़ा है, अचानक प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया। कलेक्टर विकास मिश्रा ने खुद मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और हर पहलू की बारीकी से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान निर्माण की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर का गुस्सा भी देखने को मिला। उन्होंने मौके पर मौजूद ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को सख्त फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर इतना विलंब क्यों हो रहा है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में तेजी लाई जाए और तय समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
जिले में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या सीधी को एक और “एक्शन वाले कलेक्टर” मिल गए हैं? लोगों की तुलना अब पूर्व कलेक्टर अभिषेक सिंह से की जा रही है, जिनके कार्यकाल में भी प्रशासनिक सख्ती और तेज फैसलों की छाप देखने को मिली थी।
फिलहाल, कलेक्ट्रेट भवन का मामला केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है। अब देखना होगा कि कलेक्टर की सख्ती के बाद वर्षों से अटका यह प्रोजेक्ट कितनी तेजी से जमीन पर पूरा होता है या फिर सिस्टम की सुस्ती फिर हावी होती है।
