
तलाश न्यूज जिला ब्यूरो प्रमुख विनय कुमार त्रिपाठी सीधी
सीधी जिले के चुरहट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामपुर नैकिन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गौरदह में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता, गुणवत्ताहीन कार्य और सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव और सरपंच की कथित मिलीभगत से ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं, जिनका आमजन को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, जबकि आवश्यक विकास कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं।
मुख्य मार्ग पर बना नाडेप, ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार गांव के मुख्य आवागमन मार्ग के बीचोंबीच नाडेप (जैविक खाद गड्ढा) का निर्माण कर दिया गया है। आरोप है कि यह निर्माण महेंद्र त्रिपाठी के घर के सामने मुख्य रास्ते पर कराया गया, जिससे लोगों की आवाजाही बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर नाडेप निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं थी और इससे समस्या बढ़ गई है।
पुल की मांग, लेकिन बना दी नाली
ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र त्रिपाठी के घर जाने वाले मार्ग पर स्थित गहरे नाले के कारण वर्षों से आवागमन प्रभावित रहता है, जो बरसात में और गंभीर हो जाता है। इस स्थान पर लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन इसके स्थान पर नाली और रिटेनिंग वॉल का निर्माण स्वीकृत कर दिया गया। आरोप है कि कार्य बरसात के दौरान शुरू किया गया, जिससे निर्माण अधूरा रह गया और समस्या जस की तस बनी हुई है।
रिटेनिंग वॉल की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों ने रिटेनिंग वॉल के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दीवार निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाई गई है। दीवार की ऊंचाई कम है और निर्माण में सरिया का उपयोग नहीं किया गया। बरसात में पानी दीवार के ऊपर से बह जाता है, जिससे निर्माण का उद्देश्य ही विफल हो रहा है। ग्रामीणों ने तकनीकी जांच की मांग की है।
अधूरे निर्माण से जलभराव, बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी नाली और अनुपयुक्त निर्माण के कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और संबंधित अधिकारी समस्या समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।
पहले भी लगे हैं वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
ग्रामीणों ने दावा किया कि पंचायत में इससे पहले भी वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। आरोप है कि खेल मैदान में डग पाउंड (तालाब) निर्माण के नाम पर दो बार राशि निकाली गई, जबकि वृक्षारोपण के नाम पर भी बिना कार्य कराए भुगतान किए जाने की शिकायतें रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा गांव के आवश्यक विकास कार्य—विशेष रूप से पुल निर्माण—को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है।
मामले में पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
