
सीधी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल सीधी का निरीक्षण कर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक व विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजना, पैरोल, अपील प्रक्रिया सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियों से अवगत कराना रहा। शिविर के दौरान बंदियों को यह भी बताया गया कि वे किस प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक परामर्श एवं अधिवक्ता की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मुकेश कुमार शिवहरे ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा—“जेल की चार दीवारी के बाहर आपका कोई अपना आपका इंतजार कर रहा है। इसलिए अपने मन को स्वस्थ रखें और सकारात्मक सोच के साथ जीवन की नई शुरुआत के लिए स्वयं को तैयार करें।”
उन्होंने बंदियों को मानसिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक पुनर्वास के महत्व को भी समझाया।
शिविर में सचिव एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक द्वारा बंदियों को बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को न्याय प्राप्त करने का समान अधिकार है और कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित नहीं रह सकता। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता, कानूनी परामर्श, आवेदन एवं अपील दायर करने में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
श्री कौशिक ने नालसा (NALSA) की विभिन्न योजनाओं, प्रावधानों एवं उपलब्ध सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। विशेष रूप से सजायाफ्ता बंदियों की ओर से अपील प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाते हुए बताया गया कि जो बंदी आर्थिक रूप से कमजोर हैं या निजी अधिवक्ता की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
इस विधिक जागरूकता शिविर में जेल अधीक्षक, उप जेल अधीक्षक सहित जिला जेल सीधी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं, जिनका समाधान अधिकारियों द्वारा किया गया।
यह शिविर बंदियों को कानून की जानकारी देकर उन्हें न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
