
सीधी जिले में अवैध खनन और खनिज माफियाओं के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के निर्देशन में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना बहरी पुलिस ने गोपद नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन की कोशिश को नाकाम कर दिया।
थाना प्रभारी बहरी निरीक्षक राजेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोपद नदी के बालू घाट पर दबिश देकर अवैध रेत से भरे 407 वाहन को जप्त किया, जबकि मौके से एक आरोपी चालक को हिरासत में लिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई,
पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि गोपद नदी से कुछ लोग अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसे परिवहन करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बहरी द्वारा तत्काल पुलिस टीम गठित कर मौके पर रवाना किया गया।
जैसे ही पुलिस टीम ने नदी किनारे स्थित बालू घाट पर रेड की, वहां पीले-सफेद रंग का 407 वाहन खड़ा मिला, जिसमें मजदूरों द्वारा फावड़ा और तगाड़ी की सहायता से अवैध रेत लोड की जा रही थी।
अंधेरे का फायदा उठाकर मजदूर फरार,
पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही रेत लोड कर रहे मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन चालक को घेराबंदी कर मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी चालक ने अपना नाम आकाश शुक्ला, पिता श्यामाचरण शुक्ला, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम जनकपुर कुचवाही बताया। वाहन की ट्राली की जांच करने पर उसमें 20 से 25 तगाड़ी अवैध रेत लोड पाई गई।
वाहन, औजार जप्त, मामला दर्ज
पुलिस ने मौके से अवैध उत्खनन में प्रयुक्त फावड़ा, तगाड़ी सहित 407 वाहन को जप्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया है। आरोपी चालक के विरुद्ध खनिज अधिनियम एवं संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे मामलों में आगे भी इसी प्रकार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी बहरी निरीक्षक राजेश पांडेय, प्रधान आरक्षक रामसुन्दर साकेत, आरक्षक राजकमल, प्रभात एवं नन्दलाल यादव की भूमिका सराहनीय रही।
