
13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी के पर एएनएम कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सीएमएचओ ने कहा—जायज मांगों का होगा निराकरण, भुगतान प्रक्रिया के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा जाएगा पत्र,
तलाश न्यूज सीधी, संपादक विनय त्रिपाठी,
सीधी
संयुक्त एएनएम एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ, जिला शाखा सीधी ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर शासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र सौंपते हुए 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल/धरना आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने कहा है कि पूर्व में कई बार ज्ञापन एवं पत्रों के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लेना पड़ रहा है।
संघ द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 10 सितंबर 2026 को अपर मिशन संचालक एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हुई बैठक में मांगों के निराकरण को लेकर आश्वासन दिए गए थे। इसके बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने पर संघ ने अब 13 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश पर रहते हुए अनिश्चितकालीन धरना-आंदोलन की पूर्व सूचना दी है।
सार्थक ऐप से वेतन कटौती और भुगतान का मुद्दा
एएनएम संघ ने स्थानीय स्तर पर सार्थक ऐप से संबंधित कटी हुई वेतन राशि के शीघ्र भुगतान, एचआरए एवं एरियर का समय पर भुगतान तथा समयमान एवं वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग उठाई है। संघ ने यह भी मांग रखी है कि लक्ष्य पूरा नहीं होने की स्थिति में केवल एएनएम कर्मचारियों को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
संघ के अनुसार फील्ड में काम करने वाली एएनएम को नेटवर्क की समस्या, तकनीकी दिक्कत अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण मोबाइल आधारित उपस्थिति या ऐप पर कार्य दर्ज करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
नर्सिंग कैडर में वापसी और ग्रेड-पे 3200 से 3600 करने की मांग
प्रदेश स्तर की मांगों में एएनएम को पुनः नर्सिंग कैडर में शामिल किए जाने तथा वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड-पे 3200 से बढ़ाकर 3600 किए जाने की मांग शामिल है। इसके अलावा संविदा एएनएम का संविलियन, पदनाम एवं पदोन्नति की व्यवस्था अन्य विभागों की तरह किए जाने की मांग भी पत्र में रखी गई है।
संघ ने एएनएम द्वारा किए गए कार्यों की पूर्व प्रोत्साहन राशि का भुगतान, आवश्यक सामग्री की खरीदी के लिए अग्रिम बजट उपलब्ध कराने तथा फील्ड कर्मचारी एएनएम को सार्थक ऐप से मुक्त रखने की मांग भी की है।
एचआरए एवं एरियर भुगतान का भी मुद्दा
संघ द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के 3 अप्रैल 2025 के आदेश का हवाला देते हुए शासकीय सेवकों के गृह भाड़ा भत्ता (एचआरए) की पुनरीक्षित दरों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में संबंधित श्रेणी के शहरों के लिए देय मूल वेतन के आधार पर 10 प्रतिशत, 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत की दरों का उल्लेख है। संघ ने पात्र कर्मचारियों को एचआरए एवं एरियर का भुगतान किए जाने की मांग रखी है।
टीकाकरण कार्य से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे
संघ द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशों का भी उल्लेख है, जिनमें उपस्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम के माध्यम से टीकाकरण कार्य सुनिश्चित करने तथा जहां एएनएम पदस्थ नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज में टीकाकरण सत्र के लिए निर्धारित मानदेय का भी उल्लेख किया गया है।
सीएमएचओ ने कहा—जायज मांगों का किया जाएगा निराकरण
मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी डॉ. अशोक कुमार खरे ने कहा कि एएनएम कर्मचारियों द्वारा शिकायत एवं मांगों से संबंधित जितने भी बिंदु पत्र के माध्यम से सौंपे गए हैं, उनका परीक्षण कर समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जो भी मांग जायज होगी, उसे नियमानुसार मानने का प्रयास किया जाएगा। भुगतान से संबंधित मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
सीएमएचओ ने यह भी कहा कि जहां नेटवर्क की समस्या है या कोई तकनीकी दिक्कत होने के कारण मोबाइल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई है, ऐसे मामलों की जांच कर त्वरित निराकरण किया जाएगा। उनका कहना है कि तकनीकी समस्या अथवा वास्तविक परिस्थिति के कारण सामने आए मामलों को जांच के बाद उचित तरीके से सुलझाया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा प्रस्ताव
सीएमएचओ के अनुसार भुगतान एवं अन्य ऐसे विषय जिनका निराकरण जिला स्तर पर संभव नहीं है, उनके संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई एवं भुगतान प्रक्रिया के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं संघ ने मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करते हुए 13 अक्टूबर से आंदोलन की पूर्व सूचना दी है।
अब एएनएम कर्मचारियों की मांगों के निराकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई और शासन स्तर से मिलने वाले निर्णय पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
