कलेक्टर के पुराने आदेशों में भी दर्ज मिलीं अनियमितताएं, वर्ष 2024 में ₹5 हजार और वर्ष 2025 में ₹30 हजार के अर्थदंड का उल्लेख; शिवसेना ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग प्रमुखता से उठाई,
तलाश न्यूज समाचार| सीधी
सीधी जिले के मझौली स्थित लोक सेवा केंद्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। लोक सेवा केंद्र के संचालन में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने, रसीद नहीं देने, अभिलेखों का उचित संधारण नहीं करने और नागरिकों के आवेदनों के निराकरण में लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो मझौली लोक सेवा केंद्र में तालाबंदी का कदम उठाया जाएगा।
पुराने प्रशासनिक आदेशों में भी दर्ज हैं अनियमितताएं,
उपलब्ध प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, लोक सेवा केंद्र मझौली के संचालन को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 3 दिसंबर 2024 को जारी आदेश में केंद्र के संचालन में लापरवाही, जाति प्रमाण-पत्र के आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में संबंधित कार्यालय तक नहीं पहुंचाने तथा शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होने जैसी बातों का उल्लेख किया गया था। आदेश में संचालक पर 5,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए सात दिवस के भीतर राशि जमा करने और पावती प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद वर्ष 2025 में जारी एक अन्य प्रशासनिक आदेश में भी लोक सेवा केंद्र के विरुद्ध अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। दस्तावेज में बिना टिकट के नकल वितरित करने, निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने, रसीद नहीं देने और वित्तीय अभिलेखों के संधारण में कमियां पाए जाने संबंधी शिकायतों एवं जांच निष्कर्षों का विवरण दर्ज है। इस आदेश में संचालक पर 30,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किए जाने का उल्लेख है। आदेश में यह चेतावनी भी दी गई कि अनियमितताओं की पुनरावृत्ति होने पर अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
बिना रसीद राशि वसूलने और अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप,
प्रशासनिक दस्तावेजों में दर्ज जांच संबंधी विवरण के अनुसार, लोक सेवा केंद्र के ऑनलाइन पोर्टल पर कुछ आवेदनों के निराकरण में शून्य रुपये शुल्क दर्ज होने के बावजूद नकल की प्रतियां उपलब्ध कराने के दौरान राशि वसूले जाने की बात सामने आई थी। साथ ही, वसूली गई राशि, नकल शुल्क और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त भुगतान का समुचित हिसाब प्रस्तुत नहीं किए जाने तथा नकल वितरण संबंधी अभिलेखों के उचित संधारण में कमियां होने का भी उल्लेख किया गया है।
दस्तावेजों में आवेदनों को समय पर संबंधित कार्यालय तक नहीं पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के पालन में लापरवाही की बातें भी दर्ज हैं। इन मामलों को लेकर शिवसेना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष वित्तीय जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने उठाए कार्रवाई पर सवाल,
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने आरोप लगाया कि पूर्व जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी के कार्यकाल में जारी आदेशों और कार्रवाई संबंधी निर्देशों के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासनिक जांच में अनियमितताओं का उल्लेख किया गया और अर्थदंड अधिरोपित करने के आदेश जारी हुए, तो आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है।
उन्होंने जिला कलेक्टर से मांग की कि पूर्व में जारी आदेशों के पालन की समीक्षा की जाए, निर्धारित अर्थदंड की वसूली की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो तालाबंदी की चेतावनी,
शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा केंद्रों का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित शुल्क पर समय-सीमा में उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि नागरिकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जाती है या उन्हें रसीद नहीं दी जाती, तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
विवेक पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और पूर्व आदेशों के पालन की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो शिवसेना मझौली लोक सेवा केंद्र में तालाबंदी करने के लिए बाध्य होगी।
शिवसेना के पदाधिकारी रहे मौजूद,
कलेक्टर को शिकायत सौंपने के दौरान शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय, जिला अध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल, जिला उपाध्यक्ष हृदय त्रिवेदी उर्फ हेतु, नगर अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह चौहान उर्फ मुन्ना, अनिल केवट, सुनील सिंह निवासी मझौली तलवारी तथा रामकुमार कोल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

