
सीधी/सेमरिया। विद्युत वितरण केंद्र सेमरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत ऐंठी और बारी में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता को शिकायत देकर संबंधित कर्मचारी अनिल बहेलिया पर लापरवाही बरतने और विद्युत व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर विद्युत पोलों से केबल निकाल दी गई, जबकि ट्रांसफार्मर और ग्रामीणों के घरों के आसपास गिरी विद्युत केबलों को लंबे समय से व्यवस्थित नहीं किया गया। इसके चलते कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है।
पोल से केबल निकली, जमीन पर पड़ी लाइन—फिर भी नहीं हुई मरम्मत
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम बारी में बृजलाल सिंह, रामवतार यादव और हरिचरण सिंह के घर के पास विद्युत लाइन की समस्या बनी हुई है। वहीं ग्राम ऐंठी में अमीरे सिंह के घर के पास, वरदा डोल नदी और ट्रांसफार्मर के आसपास भी विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायत की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब विद्युत लाइन और गिरी हुई केबलों के कारण बिजली आपूर्ति तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही खुले तारों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
शिकायत के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो जिम्मेदार कौन?
ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब विद्युत लाइन में खराबी की जानकारी विभाग को दी जा चुकी है, तो समय रहते सुधार कार्य क्यों नहीं कराया जा रहा? आखिर विद्युत व्यवस्था की निगरानी और खराब लाइनों की मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है?
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच, विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने और जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हादसे का इंतजार या कार्रवाई से पहले सुधार?
ग्रामीणों ने चेतावनी भरे अंदाज में मांग उठाई है कि किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय विभाग समय रहते विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराए। खासकर आबादी के आसपास गिरी केबलों को तत्काल हटाकर सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाए।
अब सवाल यह है कि सेमरिया विद्युत विभाग ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जिम्मेदार कर्मचारी पर लगे आरोपों की जांच कब कराता है। ग्रामीणों को बिजली व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ सुरक्षित विद्युत आपूर्ति की भी दरकार है।
