
सीधी। ग्राम पंचायत चकडौर भमरहा में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से चार रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में निर्धारित निर्माण सामग्री के स्थान पर राखड़ एवं बोल्डर के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में निर्माण स्थल का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि सरकारी राशि से कराए जा रहे इस निर्माण में यदि मानकों की अनदेखी हुई है, तो इससे निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जवाबदेही पर उठे सवाल
सरकार द्वारा पंचायतों को विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया या नहीं?
– क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई?
– क्या तकनीकी अधिकारियों ने स्थल का सत्यापन किया?
– क्या निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन हो रहा है?
– क्या इस्तेमाल की जा रही सामग्री के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच कराई गई?
उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले को लेकर मांग की जा रही है कि जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच कराएं। निर्माण सामग्री के नमूने लिए जाएं और पूरे कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ सरकारी धन की वसूली की जाए।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि लगभग 40 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण की गुणवत्ता की जांच कब होगी और सामने आए वीडियो व आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है?
जनता का पैसा जनता के विकास पर ही खर्च होना चाहिए—निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
