
सीधी। जिले के मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसौला के अगरिया टोला में शनिवार शाम पानी भरने के दौरान एक आदिवासी महिला की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को हादसे से जोड़ते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर पेयजल व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए हैं तथा मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मृतका की पहचान 35 वर्षीय राजवती अगरिया, पति महिपाल अगरिया, निवासी अगरिया टोला के रूप में हुई है। बताया गया कि अगरिया टोला में 50 से अधिक परिवार निवास करते हैं और यहां लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ग्रामीणों को आसपास के गड्ढों और अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
कुएं बंद होने के बाद बढ़ी पानी की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार पहले टोले के लोग एक नाले में बने कुएं से पानी लेते थे। हालांकि, करीब एक साल पहले सरपंच और सचिव द्वारा उस कुएं को भरवा दिया गया था। इसके बाद ग्रामीण लगातार सार्वजनिक कुआं खुदवाने की मांग करते रहे, लेकिन अब तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की समस्या के कारण कई बार उन्हें स्वयं गड्ढे खोदकर पानी निकालने का प्रयास करना पड़ता है। इसी तरह के एक निजी गड्ढे में पानी भरने के दौरान शनिवार को राजवती अगरिया के साथ हादसा हो गया।
पानी भरने के दौरान फिसला पैर
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 4 बजे राजवती अगरिया पानी लेने के लिए हाथों से खोदे गए एक निजी गड्ढे के पास पहुंचीं। गड्ढे के आसपास की मिट्टी गीली और कमजोर थी। पानी भरने के लिए नीचे उतरते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गईं।
घटनास्थल के आसपास तत्काल मदद के लिए कोई घर नहीं होने के कारण उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल सकी। जब तक परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक राजवती की मौत हो चुकी थी। घटना के समय उनके पति महिपाल अगरिया जंगल में लकड़ी लेने गए हुए थे।
ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था पर उठाए सवाल
ग्रामीण शिवेंद्र तिवारी ने बताया कि अगरिया टोला के लोग कई बार कुआं खुदवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन पंचायत या किसी अधिकारी द्वारा पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मजबूरी में लोगों को स्वयं गड्ढे खोदकर पानी निकालना पड़ रहा है और इसी पानी की तलाश में महिला की जान चली गई।
ग्रामीणों ने घटना की जांच कराने तथा गांव में तत्काल पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते टोले में पानी की उचित व्यवस्था होती तो महिला को जोखिम उठाकर गड्ढे से पानी लेने नहीं जाना पड़ता।
सरपंच ने आरोपों से किया इनकार
वहीं ग्राम पंचायत की सरपंच रेना द्विवेदी ने ग्रामीणों के आरोपों पर कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और किसी ने उनसे मदद भी नहीं मांगी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के कारण इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों में पेयजल समस्या को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ अगरिया टोला में स्थायी पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
