
सीधी। सीधी जिले में ट्रैक्टर ऋण एवं फाइनेंस से जुड़े पुराने और नए मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राम चरण सोनी ने कहा कि सीधी में ट्रैक्टर फाइनेंस से जुड़ी अनियमितताओं का मामला कोई आज की चर्चा नहीं है। मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही में वर्ष 2016 में स्वयं सीधी में फर्जी ट्रैक्टर फाइनेंस का उल्लेख हुआ था तथा सदन में एक वर्ष में लगभग 1100 ट्रैक्टर फाइनेंस किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया था।
राम चरण सोनी ने कहा कि इसके वर्षों बाद गांधीग्राम क्षेत्र में किसानों/आदिवासियों के नाम पर कथित फर्जी ट्रैक्टर ऋण का मामला सामने आया। मीडिया रिपोर्टों में लाभार्थियों की संख्या अलग-अलग बताई गई है—कहीं 124, तो कहीं इससे अलग संख्या का उल्लेख है। इसलिए सरकार को विधानसभा और जनता के सामने वास्तविक लाभार्थियों की प्रमाणित सूची, ऋण राशि, ट्रैक्टरों के पंजीयन, बैंक रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर गरीब आदिवासी के नाम पर कागजों में ट्रैक्टर निकाला गया और उसे वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचाया ही नहीं गया, तो यह सिर्फ बैंकिंग अनियमितता नहीं बल्कि गरीब के अधिकार के साथ गंभीर अन्याय है।
विधानसभा में मामला उठने के बावजूद सवाल कायम
राम चरण सोनी ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही में सीधी के ट्रैक्टर फाइनेंस की अनियमितताओं का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। वर्ष 2016 की विधानसभा कार्यवाही में सरकार की ओर से फर्जी ट्रैक्टर फाइनेंस के मामले में कार्रवाई का उल्लेख भी हुआ था।
उन्होंने सवाल किया—
“जब विधानसभा में वर्षों पहले ट्रैक्टर फाइनेंस की गड़बड़ी का मुद्दा उठ चुका था, तो उसके बाद भी इसी तरह के नए आरोप सामने कैसे आए?”
FIR हुई तो जांच और परिणाम कब?
सोनी ने कहा कि गांधीग्राम से जुड़े बाद के प्रकरण में वर्ष 2021 में जमोड़ी थाने में FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। अब जनता जानना चाहती है कि FIR के बाद जांच कहां तक पहुंची, किन लोगों की भूमिका सामने आई, कितनी राशि की वसूली हुई और न्यायालय में चालान पेश हुआ या नहीं।
उन्होंने कहा कि FIR दर्ज कर देना अंतिम कार्रवाई नहीं है। असली सवाल है—दोषियों तक जांच कब पहुंचेगी और पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा?
आम आदमी पार्टी की सरकार से 7 सीधी मांगें
1. सीधी के सभी ट्रैक्टर ऋण प्रकरणों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. जिन लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत हुए, उनकी प्रमाणित सूची सार्वजनिक की जाए।
3. बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, KYC, ट्रैक्टर बिल, पंजीयन और भुगतान की पूरी जांच हो।
4. वास्तविक लाभार्थी और कागजों में दिखाए गए लाभार्थी का सत्यापन कराया जाए।
5. दोषी अधिकारी, कर्मचारी, बिचौलिये या अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो।
6. यदि किसी गरीब किसान/आदिवासी के नाम पर बिना उसकी जानकारी ऋण लिया गया है तो उसे राहत देकर उसकी जिम्मेदारी तय की जाए।
7. पूरे मामले की जांच की समयबद्ध रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
राम चरण सोनी ने कहा—
«“सीधी की जनता को भाषण नहीं, हिसाब चाहिए। गरीबों और आदिवासियों के नाम पर यदि किसी ने एक रुपये का भी फर्जीवाड़ा किया है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को दबने नहीं देगी।”»
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी विधानसभा रिकॉर्ड, FIR और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले को जनता के सामने रखेगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
जारीकर्ता:
राम चरण सोनी
प्रदेश सचिव, आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश
