
कुसमी, सीधी। भारत छोड़ो आंदोलन के अमर शहीद दयाल पनिका की 84वीं शहादत दिवस के अवसर पर 20 सितंबर 2026 को कुसमी के परी गार्डन में विशाल रैली एवं जनसभा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में सीधी और सिंगरौली जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, समाजसेवियों एवं नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
शहीद दयाल पनिका का नाम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन वीर सेनानियों में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, 20 सितंबर 1942 को असम के ढेकियाजुली क्षेत्र में तिरंगा फहराने के अभियान के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी में दयाल पनिका सहित कई आंदोलनकारी शहीद हुए थे।
उनकी शहादत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, साहस और देशभक्ति की स्मृति से जुड़ी हुई है। वर्ष 2026 में उनकी शहादत के 84 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसी अवसर पर कुसमी में आयोजित होने वाली रैली एवं जनसभा के माध्यम से शहीद दयाल पनिका के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में सीधी एवं सिंगरौली जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और समाजसेवियों की सहभागिता प्रस्तावित है। कार्यक्रम के माध्यम से शहीद दयाल पनिका के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से परिचित कराने का संदेश भी दिया जाएगा।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर शहीद दयाल पनिका को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके बलिदान को स्मरण करने की अपील की है।
20 सितंबर 1942 से 20 सितंबर 2026 तक—शहादत के 84 वर्ष।
शहीद दयाल पनिका का बलिदान स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और संघर्ष की प्रेरणा के रूप में सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।
