सीधी जिले में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से होने वाली मौत एवं गंभीर चोट के मामलों में पीड़ितों और उनके परिजनों को अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक राहत मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना-2022 के तहत सहायता राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है, जिससे पीड़ित परिवारों को बड़ा सहारा मिलेगा।
पूर्व में अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रितों को सोलेशियम फंड के अंतर्गत मात्र 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती थी, जो नाकाफी साबित हो रही थी। नई योजना लागू होने के बाद अब मृतक के आश्रितों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
जिला स्तर पर निगरानी के लिए समिति गठित,
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा एक स्वयंसेवी सदस्य नामांकित किया जाएगा, जबकि संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारी को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
इस तरह करना होगा आवेदन,
अज्ञात वाहन से दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति अथवा मृतक के आश्रितों को तहसीलदार या एसडीएम के समक्ष निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिसमे
बैंक खाता विवरण,
उपचार से संबंधित अस्पताल के बिल,
पहचान एवं पता संबंधी दस्तावेज,
पुलिस में दर्ज एफआईआर की प्रति,
मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, जबकि गंभीर चोट की स्थिति में एमएलसी रिपोर्ट संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
45 दिनों में भुगतान की व्यवस्था,
आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित तहसीलदार अथवा एसडीएम द्वारा 30 दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर द्वारा 15 दिवस के भीतर सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा तथा इस संबंध में परिवहन आयुक्त को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना से हिट एंड रन दुर्घटनाओं के पीड़ितों एवं उनके परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता मिलेगी और संकट की घड़ी में उन्हें मजबूत संबल प्राप्त होगा।
