
पिता के सामने राशि गिनवाकर देने का दावा; जेई और लाइनमैन पर गंभीर आरोप, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
रामपुर नैकिन/सेमरिया। थाना सेमरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत मनकीसर, तहसील रामपुर नैकिन निवासी प्रदीप कुमार मिश्रा, जो दोनों आंखों से दिव्यांग हैं, ने बिजली विभाग के तत्कालीन जेई प्रकाश निगम और लाइनमैन विकास विश्वकर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदीप कुमार का आरोप है कि उनके घर बिजली कनेक्शन के लिए खंभा और केबल लगवाने के नाम पर कथित रूप से ₹50 हजार लिए गए, लेकिन राशि दिए जाने के बावजूद आज तक न तो खंभा लगाया गया और न ही केबल की व्यवस्था की गई।
पिता के सामने पैसे गिनवाकर देने का दावा
पीड़ित का दावा है कि कथित ₹50 हजार की राशि उनके पिता के सामने गिनवाकर दी गई थी। उन्होंने इस लेनदेन के दौरान कई लोगों के मौजूद होने और उनके गवाह होने का भी दावा किया है।
पीड़ित के अनुसार, राशि देने के बाद भी बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ और कथित रूप से पैसा भी वापस नहीं किया गया।
जनसुनवाई से एसी कार्यालय तक पहुंची शिकायत
प्रदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत कलेक्टर की जनसुनवाई सहित बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार की। उनका आरोप है कि शिकायतें देने के बावजूद अब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और न ही उनके घर तक बिजली पहुंचाने की समस्या का समाधान किया गया।
दोनों आंखों से दिव्यांग होने के बावजूद पीड़ित लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर होने का दावा कर रहे हैं।
जेई का तबादला, समस्या जस की तस
पीड़ित ने आरोप लगाया कि कथित रूप से राशि लेने के बाद तत्कालीन जेई प्रकाश निगम का स्थानांतरण हो गया और वे बहरी चले गए। हालांकि, इस दावे और स्थानांतरण से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
फोन पर धमकी देने का भी आरोप
प्रदीप कुमार ने जेई प्रकाश निगम पर फोन के माध्यम से कथित तौर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, फोन पर उन्हें कथित रूप से कहा गया कि “जो करना हो कर लो, हम किसी से नहीं डरते।”
पीड़ित का यह भी आरोप है कि बाद में कथित लेनदेन से इनकार करते हुए उनसे प्रमाण मांगा गया और कथित तौर पर मामले को भूल जाने के लिए कहा गया।
वीडियो जारी कर आत्महत्या की बात कही
मामले को लेकर प्रदीप कुमार ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए आत्महत्या की बात कही है। यह पहलू मामले को और गंभीर बनाता है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के लिए जरूरी है कि पीड़ित की सुरक्षा और शिकायत दोनों को गंभीरता से लिया जाए।
₹50 हजार के आरोप की जांच की मांग
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल कथित ₹50 हजार के लेनदेन को लेकर है। पीड़ित का दावा है कि इस संबंध में गवाह मौजूद हैं। अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग शिकायत, उपलब्ध वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कब कराएगा?
यदि आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीड़ित की मांग—जांच हो और घर तक पहुंचे बिजली
प्रदीप कुमार मिश्रा की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित ₹50 हजार के लेनदेन की जांच हो, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा नियमानुसार उनके घर तक खंभा और केबल लगाकर बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की जाए।
नोट: जेई प्रकाश निगम और लाइनमैन विकास विश्वकर्मा पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जा सकता है।
